ये बारिश, ये तितली,
ये दरिया, ये मौसम,
ना जाने कितनो से मुहब्बत थी,
तेरे आने से पहले
Wednesday, June 6, 2012
रहती हो रोजाना अब ससों मे तुम
रहती हो रोजाना अब ससों मे तुम
खाबो मे तुम ख़यालो मे तुम,
जब भी सोचते है हम कुछ लिखेगे,
लफ़्ज़ों मे आ जाते हो तुम सिर्फ़ तुम
खाबो मे तुम ख़यालो मे तुम,
जब भी सोचते है हम कुछ लिखेगे,
लफ़्ज़ों मे आ जाते हो तुम सिर्फ़ तुम
खुदा तू एक बार ऐसा सपना सज़ा दे
खुदा तू एक बार ऐसा सपना सज़ा दे,
सपने मे उसे तू मेरा अपना बना दे,
कितना चाहता हू उसे तू तो जनता है ना,
जाग ना पाउ इस सपने से एसा सुला दे
सपने मे उसे तू मेरा अपना बना दे,
कितना चाहता हू उसे तू तो जनता है ना,
जाग ना पाउ इस सपने से एसा सुला दे
Monday, June 4, 2012
यूही राह चलते मुलाकात सी हो गयी
यूही राह चलते मुलाकात सी हो गयी,
दोस्ती करने चले थे और चाहत सी हो गयी.
जब तू ना हो पास तो खूद से उलझता हू,
अपने वजूद को तलाशता रहता हू,
मेरे पास आओ तो जीलु दो पल मैं,
क्या करू मूज़े तेरी आदत सी हो गयी.
मैं तुम्हे इस कदर चाहता हू,
हर एक सास को तुम्हारी अमानत मानता हू,
मैं नही जानता ज़िंदगी क्या है,
पर तुज़े चाहने के लिए लंबी उमर माँगता हू.
दोस्ती करने चले थे और चाहत सी हो गयी.
जब तू ना हो पास तो खूद से उलझता हू,
अपने वजूद को तलाशता रहता हू,
मेरे पास आओ तो जीलु दो पल मैं,
क्या करू मूज़े तेरी आदत सी हो गयी.
मैं तुम्हे इस कदर चाहता हू,
हर एक सास को तुम्हारी अमानत मानता हू,
मैं नही जानता ज़िंदगी क्या है,
पर तुज़े चाहने के लिए लंबी उमर माँगता हू.
खुदा तू एक बार ऐसा सपना सज़ा दे
खुदा तू एक बार ऐसा सपना सज़ा दे,
सपने मैं उसे तू मेरा बना दे,
कितना चाहता हू उसे तू तो जनता है ना,
जाग ना पाउ इस सपने से ऐसी गहरी नींद सुला दे
सपने मैं उसे तू मेरा बना दे,
कितना चाहता हू उसे तू तो जनता है ना,
जाग ना पाउ इस सपने से ऐसी गहरी नींद सुला दे
Friday, June 1, 2012
खामोश रहती हो तुम
खामोश रहती हो तुम,
जब पास मेरे होती हो,
होले से नज़र चुरा लेती हो तुम,
जब चुप चुपके इनायत करती हो.
लबो को करोगी चुप,
सास भी रोक लोगी,
धड़कनो का करोगी क्या?,
क्यू की आहट तो वहिसे होगी.
हाँ, हम करते है प्यार आपसे,
और आप ही हमारे फरिश्ते है,
अब तो पहचान जाइए,
यह तो हमारे रूह के रिश्ते है
जब पास मेरे होती हो,
होले से नज़र चुरा लेती हो तुम,
जब चुप चुपके इनायत करती हो.
लबो को करोगी चुप,
सास भी रोक लोगी,
धड़कनो का करोगी क्या?,
क्यू की आहट तो वहिसे होगी.
हाँ, हम करते है प्यार आपसे,
और आप ही हमारे फरिश्ते है,
अब तो पहचान जाइए,
यह तो हमारे रूह के रिश्ते है
यह दिल संभल गया है
यह दिल संभल गया है,
फिर भी तेरी सासो की खुशबू कम नही होती,
मेरी मज़िल नही है तू,
फिर भी तुझे चाहने की कशिश कम नही होती.
फिर भी तेरी सासो की खुशबू कम नही होती,
मेरी मज़िल नही है तू,
फिर भी तुझे चाहने की कशिश कम नही होती.
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