पिना चाहु तो झेहेर नही है,
खोना चाहु तो शेहेर नही है,
जिना चाहु तेरे प्यार मे सनम,
तो तू हस के बोली मेरे पास समय नही है
Friday, July 27, 2012
Wednesday, July 4, 2012
पूनम की रात है
पूनम की रात है,
चाँद भी मदहोश है,
आके थाम लो मुझे,
खो रहा मेरा होश है,
मिलन की है दस्तक,
धड़कनो की ज़ुबान है,
गा रही है ज़मीन,
सुन रहा ये जहाँ है,
गुण गुना रही है सदा,
खिल उठा समा है,
प्यासो की बस्ती मे यारो,
आज बरस उठा आसमान है.
कह रही है धरती,
कह रही ये फ़िज़ा है,
रुक जाओ इस बस्ती मे,
जो दिया ज़िंदगी का वास्ता है
चाँद भी मदहोश है,
आके थाम लो मुझे,
खो रहा मेरा होश है,
मिलन की है दस्तक,
धड़कनो की ज़ुबान है,
गा रही है ज़मीन,
सुन रहा ये जहाँ है,
गुण गुना रही है सदा,
खिल उठा समा है,
प्यासो की बस्ती मे यारो,
आज बरस उठा आसमान है.
कह रही है धरती,
कह रही ये फ़िज़ा है,
रुक जाओ इस बस्ती मे,
जो दिया ज़िंदगी का वास्ता है
Monday, July 2, 2012
तस्वीर है तेरी वो
तस्वीर है तेरी वो,
जिसे सिने से लगा रखा है,
अंधेरे इस दिल मे,
तेरे यादों का चिराग जला रखा है,
मुलाक़ात की उम्मीद ने,
मेरे इस दिल को बचा रखा है,
तेरी आने की खुशी है इतनी,
के दिल के सेहरा को हमने
गुलशन बना रखा है,
इंतजार ने तेरे,
इस दिल को तड़पा रखा है,
जल्दी से लौट आओ,
राहो मे हमने पलकों को
अपने बीचाए रखा है,
लम्हा लम्हा तेरी याद मे,
खुदको उल्ज़ा रखा है,
दिल इस दर्द को सह रहा है इतना,
के दर्द का नाम हमने
अब दवा रखा है
जिसे सिने से लगा रखा है,
अंधेरे इस दिल मे,
तेरे यादों का चिराग जला रखा है,
मुलाक़ात की उम्मीद ने,
मेरे इस दिल को बचा रखा है,
तेरी आने की खुशी है इतनी,
के दिल के सेहरा को हमने
गुलशन बना रखा है,
इंतजार ने तेरे,
इस दिल को तड़पा रखा है,
जल्दी से लौट आओ,
राहो मे हमने पलकों को
अपने बीचाए रखा है,
लम्हा लम्हा तेरी याद मे,
खुदको उल्ज़ा रखा है,
दिल इस दर्द को सह रहा है इतना,
के दर्द का नाम हमने
अब दवा रखा है
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